May 2020









कल्याण (आनंद कुमार शर्मा)

 लॉकडाउन सुरु होने के बाद से रोज कमाकर खाने वाले मजदूरों की परेशानियों को देखते हुए सरकार ने काफी सारी सुविधाएं उनको दी है, लेकिन उनके बाद अगर सबसे ज्यादा लॉकडाउन की मार पड़ी है तो वो है रिक्शा चालकों पर, जिनकी आजीविका बंद ही नही हुई बल्कि उनकी तरफ सरकार ने ध्यान भी नही दिया, रिक्शा और टैक्सी चालक भी अपना और परिवार का पेट रोज कमाकर भरता है और इनके ऊपर लॉकडाउन का असर सबसे ज़्यादा हुआ है।

लॉकडाउन में सबसे ज्यादा गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहे रिक्शा व टैक्सी चालकों के वर्चस्व की लड़ाई, लड़ने के लिए और उनका गिरा हुआ मनोबल बढ़ाने के लिए कोंकण विभाग रिक्शा - टैक्सी महासंघ जिनके अंतर्गत महाराष्ट्र मुम्बई से सठे ५ जिल्हे आते है - ठाणे, पालघर, रायगड़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के ८.५ लाख परमिट रिक्शा चालकों हेतु सरकार से उनके परिवार की आजीविका चलाने के लिए महासंघ ने राहत पैकेज की मांग को लेकर कोंकण विभाग रिक्शा - टैक्सी महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश विश्वनाथ पेणकर (नाना) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री माननीय उद्धव ठाकरे, परिवहन मंत्री अनिल परब, पालकमंत्री  एकनाथ शिंदे आयुक्त और जिल्हाधिकारी से पत्र द्वारा लॉकडाउन में जिस प्रकार रेल और सार्वजनिक बसें समय सारणी के हिसाब से सुरु की है उसी प्रकार, रिक्शा भी शर्तों पर सुरु करने की गुजारिश की थी जिसे सरकार ने हरीझंडी देते हुए २ पैसेंजर की अनुमती दी है, उसी प्रकार इस मुसीबत की घड़ी में रिक्शा चालकों के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।

आइये सुनते है, क्या है कहना महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश विश्वनाथ पेणकर जो शिवसेना नगरसेवक है और साथ ही स्थायी समिती तथा परिवहन समिती के सभापती भी रह चुके है, क्या संदेश दिया है उन्होंने ५ जिल्हो के रिक्शा चालकों को सुनते हैं उनकी जुबानी।




उल्हासनगर : (आनंद कुमार शर्मा)

उल्हासनगर महानगरपालिका क्षेत्र में रोजाना कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है, नही थम रहा शहर में कहर!!!

आज शुक्रवार, २९ मई २०२०, शाम तक उल्हासनगर शहर में ३५ नए मामले कोरोना पॉजिटिव आये है, अब शहर में कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या ३०५ हो गयी है।

अब तक की ताजा रिपोर्ट के आधार पर उल्हासनगर शहर में
१७५ मरीजों का उपचार चल रहा है,
१२० लोग ठीक होकर घर जा चुके है,
१० लोगों की कोरोना से मृत्यु हो चुकी है।

आज आये ३५ नए मामलों में से सबसे ज्यादा हीरा घाट परिसर से १७ लोग पॉजिटिव मिले है, ४ सम्राट अशोक नगर से है, आनंद नगर से ५ लोग, सुभाष टेकड़ी परिसर से २, संतोष नगर कैम्प क्रमांक ४, बेवस चौक कैम्प क्रमांक १, सुभाष नगर और ओ. टी. सेक्शन कैम्प क्रमांक ३ से १-१ कोरोना संक्रमण से ग्रस्त नए लोगों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

 सरकार और प्रशासन को जल्द ही कड़े  कदम उठाने होंगे, नही तो आने वाले दिनों में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है।

हालात और भी गम्भीर होने की संभावनाएं प्रबल है।


घबराएं नही, घर पर रहें - सुरक्षित रहें।





उल्हासनगर : (आनंद कुमार शर्मा)

उल्हासनगर महानगरपालिका क्षेत्र में रोजाना कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
आज गुरुवार, २८ मई २०२०, शाम तक उल्हासनगर शहर में २६ नए मामले कोरोना पॉजिटिव आये है, अब शहर में कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या २७२ हो गयी है।

अब तक की ताजा रिपोर्ट के आधार पर उल्हासनगर शहर में
१५३ मरीजों का उपचार चल रहा है,
११० लोग ठीक होकर घर जा चुके है,
९ लोगों की कोरोना से मृत्यु हो चुकी है।

आज आये २६ नए मामलों में से १५ सम्राट अशोक नगर से है, ४ चोपड़ा कोर्ट परिसर, हीरा घाट परिसर से ३, अम्बेडकर नगर खेमानी परिसर, लक्ष्मीधम अपार्टमेंट परिसर, सुभाष टेकड़ी परिसर, कुर्ला कैम्प रोड से १-१ कोरोना संक्रमण से ग्रस्त नए लोगों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।


घबराएं नही, घर पर रहें - सुरक्षित रहें।






उल्हासनगर (आनंद कुमार शर्मा)

वैश्विक महामारी नॉवल कोरोना वायरस से लड़ने के लिए पूरे विश्व में अनेक वैज्ञानिक और शोधकर्ताओं ने अलग अलग प्रयोग किये है और कर भी रहे है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नही मिली है जिससे यह प्रामाणिक रूप से कहा जाए कि यह दवाई लेने से कोरोना संक्रमण से १००% बचा जा सकता है या ठिक किया जा सकता है। लेकिन भारत सरकार आयुष मंत्रालय द्वारा कोरोना से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली होम्योपैथीक दवाई आर्सेनिक एल्बम ३० लेने की सलाह और सिफारिश की गई है।

लॉकडाउन में सीधा लोगों के संपर्क में काम कर रहे और लोगों की आर्थिक व्यवस्था बनाये रखने में बैंक कर्मचारियों का भी बड़ा योगदान है। खासकर सभी सरकारी बैंकों के कर्मचारियों ने सरकार द्वारा सीधे जनधन बैंक खातों में दी गयी राशि को वितरण करना काफी जोखिम भरा होता है, इसलिए पिछले कुछ दिनों से न्यू आजादी टाइम्स और ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन के संयुक्त क्रम से कई बैंको और कोविड योद्धाओं को विभिन्न होम्योपैथिक डॉक्टरों के माध्यम से १००० से अधिक होम्योपैथीक दवा आर्सेनिक अल्बम ३० का वितरण किया गया।

इसी श्रृंखला में राजस्थान सेवा समिति के अध्यक्ष और सेंचुरी रेयान के वरिष्ठ समाजसेवी विश्वनाथ जोशी जी ने सेंचुरी यूको बैंक कर्मचारियों को लॉकडाउन और कोरोना महामारी में उनके द्वारा निरंतर सेवा देने के लिए सम्मानित करने का और होम्योपैथीक दवा आर्सेनिक एल्बम ३० वितरण करने का आग्रह किया गया जिसके मद्देनजर यूको बैंक कर्मचारियों पर पुष्प वर्षा की गई  होम्योपैथीक कंसलटेंट डॉ. शैलेन्द्र सिंह ने यूको बैंक तथा सेंचुरी सोसाइटी के दुकानदारों को आर्सेनिक एल्बम ३० का मुफ्त वितरण किया और उसकी जानकारी दी।

होम्योपैथीक दवाई आर्सेनिक एल्बम ३० लेने के कुछ नियम और सावधानियां इस प्रकार है -
१. सुबह खाली पेट एक साल से कम उम्र के बच्चों को एक गोली, ग्यारह साल तक के बच्चों के लिए दो गोलियां और बाकी सब के लिए चार गोलियां ।
२. यह गोली को हाथ मे नही लेना इसे सीधे ढक्कन में लेके सीधा मुँह में लेना है।
३. यह सिर्फ तीन दिनों का कोर्स है और बाद में एक महीने बाद एक बार लेना है।
४. यह दवाई लेने के १५-२० मिनट पहले और दवाई लेने के १५-२० मिनिट तक कुछ भी खाना या पीना नही है।
५. अगर दूसरी कोई दवाई चालू है, जैसे बी.पी. या मधुमेह या थाइरोइड, तो दोनों दवाइयों के बीच ३० मिनिट का अंतराल होना चाइए।
६. अगर आर्सेनिक एल्बम ३० ले रहे है तो कैम्पहोरा नही लेनी है।
७. लसुन, कांदा, स्ट्रांग कॉफी, नीलगिरी तेल या जो कड़क या तेज गंध वाली वस्तुओं को इस्तेमाल नही करना चाइए।

डॉ. शैलेन्द्र सिंह पिछले १५ वर्षो से होम्योपैथी से हजारों लोगों को अनेक बीमारियों से ठीक कर चुके हैं उनका क्या है कहना आइये सुनते है उन्ही की जुबानी।





उल्हासनगर (आनंद कुमार शर्मा)

उल्हासनगर शहर का नाम पूरे राज्य, देश और विदेशों में व्यापार के लिए जाना जाता है। यहाँ के व्यापारी बोहोत काम मुनाफे पर धंदा करते है जिस के कारन काफी जगहों से लोग यहाँ ख़रीदारी करने आते है।

उल्हासनगर शहर में ज्यादातर बाजार और व्यापार ही दिखता है, कैम्प क्रमांक २ का गजानंद मार्किट पूरे विश्व मे प्रसिद्ध है। शहर में फर्नीचर बाजार, प्रेस बाजार, ज़वेरी बाजार, गाउन मार्किट, जीन्स उद्योग, होसरी कारखाने, गोली बिस्किट के कारखाने, प्लास्टिक उद्योग और कई छोटे और मध्यम उद्योग तथा उनके ट्रेड व्यापारी पिछले ३ महीनों से लॉकडाउन के चलते घर पर है, उनकी आमदनी शून्य है लेकिन सारे खर्चा लागू है। दुकान का भाड़ा, बिजली बिल, हाउस टैक्स, कारीगरों और काम करने वालों की पगार, साथ ही खुद के परिवार का खर्चा भी चलाना अब मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे छोटे और माध्यम वर्गीय दुकानदारों और व्यापारियों के विकट परिस्थितियों को देखते हुए फेडरेशन ऑफ सिंधुनगर व्यापारी एसोसिएशन और उनके सारे सदस्यों ने मिलकर मनपा प्रशाशन और राज्य सरकार से गुहार लगाई है कि व्यापारी और दुकानदारों को कुछ राहत या तो व्यापार करने के लिए दे या फिर उनके सारे खर्च चलाने के लिए आर्थिक मदद के पैकेज की घोषणा करें।

कोरोना के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए किए गए पहले लॉकडाउन से लेकर चौथे लॉकडाउन तक बढ़ाने से व्यापारी परेशान और डिप्रेशन मैं आ गए है। फेडरेशन के अध्यक्ष नरेश दुर्गानी और उनके सदस्यों का कहना है कि आज जिस प्रकार सरकार ने ऐमेज़ॉन, फिल्पकार्ट, जोमेटो आदि व्यवसाइयों को ऑनलाइन ऑर्डर लेकर होम या स्पॉट डिलीवरी करने की अनुमति दी है उसी प्रकार शहर के व्यापारियों को भी सरकार होम डिलीवरी या स्पॉट डिलीवरी करने की अनुमती दे।

आईए सुनते है क्या है कहना उल्हासनगर फेडरेशन ऑफ सिंधुनगर व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष - नरेश दुर्गानी का।


उल्हासनगर (आनंद कुमार शर्मा)

रविवार २४ मई २०२० को रोजेदारों ने रमजान उल मुबारक महीने का ३०वां रोजा मुकम्मल किया, इसके साथ ही शाम को ईद का चांद नजर आ गया जिसके चलते सोमवार २५ मई २०२० को पूरे देश में ईद उल फित्र मनायी जाएगी।

उल्हासनगर शहर में रविवार को ईद की तैयारी बाजारों में नजर आयी। लोगों ने लॉकडाउन में ईद के लिए जरूरी सामानों की खरीदारी की।साथ ही उल्हासनगर मुस्लिम कब्रस्तान ट्रस्ट की तरफ से मुस्लिम भाइयों को ईद की नमाज़ अपने घरों में रहकर अदा करने की अपील की गई।

ट्रस्ट की तरफ से अब्दुल गफ्फार शेख,  साबिर शेख(इदरीसी) और डॉ सहाबुद्दीन ट्रस्ट के सभी जिम्मेदार सदस्यों की तरफ से सभी को ईद की मुबारकबाद दी गई साथ ही सभी से प्राथना और अपील की गई कि लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए अपने घर से ईद मनाए, ईद की नमाज मस्जिदों में नहीं होगी, किसी भी अफवाह पे ध्यान ना दे, भीड़ नहीं होने दे, अपने जज्बातों पे काबू रखें, समझदारी से काम ले, अपने ओर अपनें बच्चों का ख्याल रखे। आगे सबकों मिलकर दुआ करने और भारत देश मे सबको सुरक्षित रखने तथा कोरोना महामारी खत्म हो ऐसी दुआ करने को कहा है।


आइए सुनते है क्या है कहना डॉ सहाबुद्दीन ट्रस्ट के सदस्यों, अब्दुल गफ्फार शेख और साबिर भाई शेख (इदरीसी) का।





सावधान उल्हासनगर

आज शनिवार, २३ मई २०२०,
शाम तक उल्हासनगर शहर में १० नए मामले कोरोना पॉजिटिव आये है, अब शहर में कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या १६६ हो गयी है।

आज शहर के लिए अच्छी खबर ये रही कि कुल २० कोरोना ग्रस्त मरीज ठीक होकर घर चले गए है, जिनमें से ५ लोगों की उम्र ५० से अधिक है।

अब तक की ताजा रिपोर्ट के आधार पर उल्हासनगर शहर में
१०० मरीजों का उपचार चल रहा है,
६१ लोग ठीक होकर घर जा चुके है,
५ लोगों की कोरोना से मृत्यु हो चुकी है।

आज आये नए मामलों में से
१ सेंचुरी कॉलोनी, सेंचुरी स्कूल के बाजू में से,
३ उल्हासनगर-३ ब्राह्मणपाड़ा से,
४ उल्हासनगर-१ बैरक ११४, सत्यनारायण पापड़ वाले के बाजू में से,
१ खेमानी परिसर से, और
१ शहद फाटक परिसर से पाए गए है।


घबराएं नही, घर पर रहें - सुरक्षित रहें।

🙏
*द न्यू आझादी टाईम्स*








उल्हासनगर (आनंद कुमार शर्मा)

भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को पूरे प्रदेश में विभिन्न जगहों पर महाराष्ट्र बचाओ आंदोलन के तहत महाराष्ट्र सरकार पर नॉवल कोरोना वैश्विक महामारी से निपटने में नाकाम और विफल रहने का आरोप लगाते हुए देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाविकास आघाड़ी सरकार पर निशाना साधते हुए कई सवाल खड़े कर दिये।
महाराष्ट्र बचाओ आंदोलन में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार विरुद्ध, विभिन्न आलोचना वाले बैनर और पोस्टर लेकर और हाथ मे काली पट्टी बांधकर शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस पार्टी के गठबंधन को धिक्कार दिया।महाराष्ट्र की कुल जनसंख्या हिंदुस्तान की ९% आबादी है लेकिन सरकार की नाकामी के कारन कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या का ३५% हो गया है जबकी कोरोना से मारने वालों का अकड़ा पूरे देश के मुकाबले ४०% हो गया है।

इसी श्रृंखला के अंतर्गत उल्हासनगर शहर बीजपी पार्टी द्वारा कुल २०० जगहों पर महाराष्ट्र बचाओ आंदोलन सोशल डिस्टनसिंग के नियम का पालन करते हुए किया गया, जिसमें उल्हासनगर शहर बीजपी जिल्हा अध्यक्ष जमनु पुरुस्वानी, बीजपी आमदार कुमार अयलानी और बीजपी के नगरसेवक, महिला मोर्चा, पार्टी पदाधिकारियों, विभिन्न अघाड़ी प्रमुख और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
उल्हासनगर शहर के नगरसेवक मनोज लास्सी ने बताया कि करोड़ों महाराष्ट्र वासियों की दबी आवाज को इस शांतिपूर्ण आंदोलन के माध्यम से, गूंगी बहरी सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की है।

महाराष्ट्र राज्य बीजपी ने उद्धव ठाकरे सरकार से ५० लाख करोड़ का पैकेज की घोषणा करने, कोरोना मरीजों का मुफ्त इलाज, पुलिस विभाग,सफाई कर्मचारी, आरोग्य विभाग को विशेष पैकेज दिए जाने की मांग की है।

उल्हासनगर बीजेपी उत्तर भारतीय मोर्चा अध्यक्ष फूलचंद यादव व उनके साथियों में सरकार के खिलाफ परप्रांतियों और श्रमिकों की खस्ता हालत के लिए जवाबदार तिकीड़ी सरकार के विरुद्ध जबरदस्त आक्रोश दिखई दिया।

 दूसरी तरफ शिवसेना मंत्री सुभाष देसाई ने बीजेपी पर कोरोना महामारी को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। महाराष्ट्र में सरकार विरुद्ध विरोध प्रदर्शन पर शिवसेना के मंत्री ने कहा कि पहले बीजेपी शासित गुजरात राज्य में अप्रवासीय मजदूरों और श्रमिकों का विरोध प्रदर्शन रोके, सूरत और अहमदाबाद में उनके ऊपर हो रहें अन्याय को रोकें, पिछले दो महीनों से वेतन ना मिलने पर जो मजदूरों की हालत है उनकी सुध लर फिर हम पर उंगलियां उठाएं।




उल्हासनगर (आनंद कुमार शर्मा)

महाराष्ट्र के राज्यपाल, महाराष्ट्र सरकार द्वारा अचानक मंगलवार १९ मई २०२०, शाम को आदेश आया जिसमे उल्हासनगर शहर आयुक्त सुधाकर देशमुख को तुरंत बदली का ऑर्डर देते हुए ठाणे महानगरपालिका अतरिक्त आयुक्त श्री समीर उन्हाळे को उल्हासनगर आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया हैं।

उल्हासनगर शहर में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए और शहरवासियों के मन में मनपा प्रशासन का भय निकलने के बाद हालात गंभीर परिस्थितियों में आते देख यह आदेश दिया गया है।

उल्हासनगर शहर में पिछले १० दिनों में कोरोना संक्रमण के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है, इन १० दिनों में नए १२० से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने से उल्हासनगर शहर ने अंबरनाथ और बदलापुर के आंकड़े को पछाड़ दिया है औऱ कल्याण के कोरोना पॉजिटिव मरीजों के आकड़ो की तरफ बढ़ते देख और शहर में लॉकडाउन के नियमो को ताक पर रख शहरवासियों की जान खतरे में दिखाई देने लगी थी, इस पर तुरंत लगाम लगाना जरूरी है।
बताया गया है कि नए  नियुक्त हुए आयुक्त श्री समीर उन्हाळे चीफ ऑफीसर ग्रेड लेवल ए, पूरे महाराष्ट्र में पहले नंबर पर मुख्य अधिकारी परीक्षा में पास हुए थे तथा
समीर उन्हाळे साहब पहले भी उल्हासनगर महानगरपालिका में आयुक्त रह चुके हैं और उनकी छवि एकदम सुलझे हुए व्यक्तित्व की है अब आने वाले दिनों में क्या नए कदम नव नियुक्त आयुक्त साहब उठाने वाले है वो तो समय ही बताएगा।









उल्हासनगर (आनंद कुमार शर्मा)

वैश्विक महामारी नॉवल कोरोना वायरस से लड़ने के लिए पूरे विश्व में अनेक वैज्ञानिक और शोधकर्ताओं ने अलग अलग प्रयोग किये है और कर भी रहे है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नही मिली है जिससे यह प्रामाणिक रूप से कहा जाए कि यह दवाई लेने से कोरोना संक्रमण से १००% बचा जा सकता है या ठिक किया जा सकता है।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा जारी दिशानुसार के अंतर्गत कुछ आयुर्वेदिक और होम्योपैथीक दवाई के बारे में बताया गया है जिसके सेवन से समान्य बीमारी से निजात मिल सकती है और विभिन्न रोगों से लड़ने के लिये रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा मिलता है। इसी आयुष मंत्रालय की सिफारिश और सलाह पर शहर में काफी मात्रा में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली होम्योपैथीक दवाई आर्सेनिक एल्बम ३० का वितरण किया जा रहा है और लोगों को इसकी सम्पूर्ण जानकारी दी जा रही है ताकि लोग आने वाले समय मे बढ़ते संक्रमण के खतरे से अपने आपको और अपने परिवार का इम्यून सिस्टम ठीक कर सुरक्षा प्रदान कर सके।

मंगलवार दिनांक १९ मई २०२० को, गुलशन हरीसिंघानी जी के प्रयासों से ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा, बैंक ऑफ बड़ौदा, उल्हासनगर-२ ब्रांच के सभी कर्मचारियों को होम्योपैथीक दवा आर्सेनिक अल्बम ३० का वितरण किया गया और वहाँ मौजूद सभी लोगों के प्रश्नों का उत्तर दवाई कब और कैसे लेना है क्या सावधानी बरतनी चाइए इन सबकी जानकारी दी डॉ. सरिता भाटिया ने।

होम्योपैथीक दवाई आर्सेनिक एल्बम ३० लेने के कुछ नियम और सावधानियां इस प्रकार है -
१. सुबह खाली पेट एक साल से कम उम्र के बच्चों को एक गोली, ग्यारह साल तक के बच्चों के लिए दो गोलियां और बाकी सब के लिए चार गोलियां ।
२. यह गोली को हाथ मे नही लेना इसे सीधे ढक्कन में लेके सीधा मुँह में लेना है।
३. यह सिर्फ तीन दिनों का कोर्स है और बाद में एक महीने बाद एक बार लेना है।
४. यह दवाई लेने के १५-२० मिनट पहले और दवाई लेने के १५-२० मिनिट तक कुछ भी खाना या पीना नही है।
५. अगर दूसरी कोई दवाई चालू है, जैसे बी.पी. या मधुमेह या थाइरोइड, तो दोनों दवाइयों के बीच ३० मिनिट का अंतराल होना चाइए।
६. अगर आर्सेनिक एल्बम ३० ले रहे है तो कैम्पहोरा नही लेनी है।
७. लसुन, कांदा, स्ट्रांग कॉफी, नीलगिरी तेल या जो कड़क या तेज गंध वाली वस्तुओं को इस्तेमाल नही करना चाइए।

ज्यादा जानकारी के लिए देखिए क्या कहना है, कोविड वारियर और कंसल्टिंग होम्योपैथीक डॉ. सरिता भाटिया का और अधिक जानकारी के लिए सपंर्क करें इनके मोबाइल नो. पर जो इस वीडियो में दिया गया है।









उल्हासनगर (आनंद कुमार शर्मा)

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शुक्रवार १५ मई २०२०, को पार्टी के उल्हासनगर जिल्हा उत्तर भारतीय अघाड़ी अध्यक्ष पद पर बीजपी कार्यकर्ता फूलचंद राजकुमार यादव को नियुक्त किया गया।

बीजेपी शहर अध्यक्ष जमनु पुरुस्वानी तथा उल्हासनगर आमदार कुमार अयलानी ने होमनारायन बर्मा के नेतृत्व में समाज हित मे काम करने वाले कार्यकर्ता फूलचंद यादव को शाल से सम्मनित कर और उत्तर भारतीय अघाड़ी के अध्यक्ष पद की नियुक्ति पत्र देकर उनके जन्मदिन के अवसर पर एक नायाब तोहफ़ा दिया। इस अवसर पर आमदार कुमार अयलानी ने फूलचंद यादव को उत्तर भारतीय मजदूरों को संभालने और उल्हासनगर शहर से अपने गांव पलायन कर चुके मजदूरों को जल्द वापस बुलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस पद पर यादव से पहले अनिल पाण्डे उत्तर भारतीय अघाड़ी के अध्यक्ष थे।
उल्हासनगर शहर उत्तर भारतीय अघाड़ी अध्यक्ष पद कि नियुक्ति और जन्मदिन के उपलक्ष्य में होमनारायन वर्मा और महेश सुखरामनी ने फूलचंद यादव और उनकी टीम के साथ मिलकर जरूरत मंदो को राशन वितरण किया और उत्तर भारतीयों के हित मे काम करने तथा पार्टी संगठन को मजबूत करने में हर संभव सहायता और मार्गदर्शन करने का भरोसा दिया।










उल्हासनगर (आनंद कुमार शर्मा)

द आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक, श्री श्री रविशंकर (गुरुजी) के ६४ वे जन्मदिन बुधवार को देश के कई हिस्सों में शांति और प्रेम से मनाया गया। इसी श्रृंखला में उल्हासनगर में भी गुरुजी के शिष्यों ने अपने गुरु के जन्मदिन के उपलक्ष्य में "तेरा मैं - मैं तेरा" के शीर्षक अन्तर्गत भव्य  रक्तदान शिबिर का आयोजन किया गया।

कोरोना प्रकोप के रोकथाम और नियंत्रण के लिए पुरे देश में लॉकडाउन के तहत सरकारी दिशानिर्देश का पालन करते हुए उल्हासनगर शहर कैम्प क्रमांक ५, गाउन मार्किट स्तिथ परषोत्तम भाटिया हॉल में, कल्याण के संकल्प ब्लड बैंक और उल्हासनगर के भारत पैथोलॉजी लैब के सयोग से रक्तदान शिबिर तथा लॉकडाउन में सेवा प्रदान करने वाले कोविड योद्धा पुलिस कर्मियों का स्वास्थ जांच शिविर  कार्यक्रम सम्पन्न हुआ जिसमें कुल ५४ लोगों ने रक्तदान किया।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उल्हासनगर शहर कि नगरसेविका रेखा ठाकुर और मोहन खंडारे ने अपना योगदान दिया तथा कार्यक्रम को सुचूरू रूप से पूरे सरकारी निर्देश जैसे हैंड सांईटीज़ करना, सोशल डिस्टनसिंग, फेस मास्क, हैंड ग्लव्स, पीपीइ किट, आदि का पालन करते हुए आयोजक करण इसरानी और जयश्री थावानी ने मुख्य भूमिका निभाई।

आइए देखते है रक्तदान और स्वास्थ जांच शिबिर कि कुछ झलकियां।





मुंबई महाराष्ट्र : (आनंद कुमार शर्मा)

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में शिवसेना से उद्धव बालासाहेब ठाकरे बिन विरोध चुने गए। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद पर २८ नवंबर २०१९ में शपत लेने के बाद उन्हें विधान परिषद कि सदस्यता २७ मई २०२० से पूर्व लेना अनिवार्य था जिसके लिए २१ मई को चुनाव होना तय था जिसमे मुख्यमंत्री को में हर हाल में जीत हासिल करना था। कोरोना वैश्विक महामारी ओर लॉकडाउन के कारन और राजनैतिक उठापटक के दरम्यान, आज १४ मई २०२० को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सहित सभी ९ अन्य उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद पर अब उद्धव ठाकरे ही बने रहेंगे। गुरुवार को राज्य के विधान परिषद का चुनाव निर्विरोध सम्पन्न हुआ। इस चुनाव में कुल १४ उम्मीदवारों ने अपना नामांकन फार्म भरा था जिसमे से १ उम्मीदवार का फॉर्म पूरी जानकारी के अभाव में रद्द हो गया और ४ उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस ले लिया। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि १४ मई २०२०, दोपहर ३:०० बजे तक थी, जिसके बाद बचे हुए सभी ९ उम्मीदवारों को बिन विरोध विधान परिषद का सदस्य जल्द ही घोषित कर दिया जाएगा।

चुने गए विधान परिषद सदस्यों कि सूची इस प्रकार है --
  शिवसेना से २ सदस्य :
१. उद्धव बालासाहेब ठाकरे
२. डॉ नीलम दिवाकरराव गोरहे
  बीजेपी से ४ सदस्य :
१. गोपीचंद पडलकर
२. प्रवीण दटके
३. रणजीत सिंह मोहिते पाटील
४. रमेश काशिराम कराड
 एनसीपी से २ सदस्य:
१. शशिकांत जयवंतराव शिंदे
२. अमोल रामकृष्ण मिटकरी
और चुने गए विधान परिषद सदस्यों में १ सदस्य कांग्रेस से राजेश धोंडीराम राठोड़ है।




उल्हासनगर (आनंद कुमार शर्मा)

उल्हासनगर महानगरपालिका क्षेत्र में १० मई २०२० के दिन मनपा आयुक्त सुधाकर देशमुख ने दो दिनों के ट्रायल पर मॉनसून पूर्व पुराने और जर्जर इमारतों, घरों की रिपेयरिंग के लिए लगने वाले सामानों की दुकान खोलने का आदेश दिया था जिसे ओमी कालानी के नेतृत्व में यूटीए अध्यक्ष सुमीत चक्रवर्ती व कार्याध्यक्ष दीपक छतलानी की मांग पर महानगरपालिका आयुक्त ने और कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ाया है।

अब अगले आदेश तक रोजाना शहर में सुबह ८:०० बजे से दोपहर २:०० बजे तक इमारतों की मरम्मत के लिये आवश्यक सामग्री की दुकानें जैसे लोहा, सीमेंट, पत्रा, शटर्स, स्लाइडिंग डोअर्स, इलेक्ट्रिक मटेरियल, पेंटिंग, वॉटरप्रूफिंग  मटेरियल, मोटर रिवाईडिंग, तालपत्र, प्लम्बिंग और प्लम्बिंग के लिए लगने वाले सामानों की दुकानें खुली रहेगी।

उल्हासनगर ट्रेड एसोसिएशन (यूटीए) के कार्याध्यक्ष दीपक छतलानी ने व्यापारियों से मनपा द्वारा दिये गए दिशानिर्देशों जैसे कंटेन्मेंट क्षेत्र के बाहर की दुकानें सिर्फ होम डिलीवरी या साइट डिलीवरी, नो काउंटर सेल, सोशल डिस्टन्स (सामाजिक दूरी), फेस मास्क, हैंड सैनीटाइजर और अन्य नियमों का पालन करने का आव्हान किया है।

घर पर रहें, सुरक्षित रहें।


आइये सुनते है क्या कहाँ उल्हासनगर ट्रेड एसोसिएशन (यूटीए) के कार्याध्यक्ष दीपक छतलानी ने उनकी जुबानी।






(आनंद कुमार शर्मा)

करीब २० लाख करोड़ के
विशेष आर्थिक पैकेज का एलान।
यह आर्थिक पैकेज देश की विकास को गति देगा, देश की GDP के 10% के बराबर का पैकेज।
पैकेज से कुटीर, गृह, लघु और मझौले उद्योगों के साथ देश के श्रमिकों और किसानों को भी होगा फायदा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस आर्थिक पैकेज की पूरी जानकारी देंगे।

कोरोना वैश्विक महामारी, एक ऐसा  वायरस जो पूरी दुनिया को तहस नहस कर दिया, दुनिया जिंदगी बचाने में जुटी है और हमें बचना भी और आगे बढ़ना भी है।

सदियों से सुनते आ रहें है कि २१वी सदी भारत की होगी और ये हम सबकी जिम्मेदारी है।

भारत एक अहम मोड़ पर खड़ा है जहाँ ये आपदा हमारे लिए एक अवसर लेकर आई है और भारत ने इस आपदा को अवसर में बदल दिया।

पूरे दुनिया में आत्मनिर्भरता की परिभाषा बदल रही है, भारत के कार्यों का असर विश्व कल्याण पर पड़ता है।

सप्लाई चेन को आधुनिक बनाएंगे, घरेलू डिमांड बढ़ाने पर फोकस होगा जिससे भारत को आत्मनिर्भर बनाना है।

५ पिलर्स जैसे - इकोनॉमी, इंफ्रा, टेक्नोलॉजी आधारित सिस्टम, डेमोग्राफी और भारत की घरेलू डिमांड का पूरी क्षमता से इस्तेमाल की जरूरत है।
कृषि क्षेत्र में रिफॉर्म लाया जाएगा, रिफॉर्म से निवेश को आकर्षित करेंगे, रिफॉर्म से उद्योगों को मजबूत करेंगे, ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की भागीदारी बढ़ाने पर फोकस होगा।

रेहड़ी / ठेला / टपरी के कारोबारी और श्रमिकों के लिए आर्थिक कदम उठाएंगे, हर तबके के लिए आर्थिक पैकेज में अहम फैसले होंगे।

लोकल जरूरत नहीं हमारी जिम्मेदारी है, "लोकल" उत्पादों का खरीद और प्रचार करना है और "लोकल" के लिए "वोकल" बनना है।

लॉकडाउन का चौथा चरण आएगा, लॉकडाउन-४.० नए रंग, नए रूप में होगा जिसकी जानकारी १८ मई, से पहले दे दी जाएगी और इसमें  राज्यों की अहम भागदारी होगी ।




(आनंद कुमार शर्मा)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार, ११ मई २०२०, को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग। इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में लॉकडाउन को आगे बढ़ने, कोरोना को हराने, प्रवासी मजदूरों, आर्थिक अर्थव्यवस्था आदि मुद्दों पर विचार विमर्श कर सबकी राय जानी।

महाराष्ट्र, पंजाब, बिहार, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन बढ़ाए जाने के पक्ष का किया समर्थन, इसके विपरीत गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने लॉकडाउन बढ़ाने का विरोध किया हैत था दूसरी तरफ तेलंगाना और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने कहा अभी ट्रेनें चलाई गयी तो संक्रमण तेजी से फैल सकता है इसलिय इन राज्यो में ट्रेन सेवा सुरु न करें। धानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा की लोग अपने घर जाना चाहते हैं, यह स्वाभाविक है और इंसानी फितरत है, फिर भी हमे ध्यान देना है कि संक्रमण गांवों तक न पहुंचे।

इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिग में कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण भी में मौजूद थे। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्रियों से आरोग्य सेतु ऐप के इस्तेमाल पर चर्चा की और इसे डाउनलोड कराने पर जोर दिया।




उल्हासनगर (आनंद कुमार शर्मा)

उल्हासनगर महानगरपालिका क्षेत्र में कई दिनों से अलग अलग राजनीतिक दलों द्वारा मनपा आयुक्त के सामने मॉनसून पूर्व पुराने और जर्जर इमारतों, घरों की रिपेयरिंग के लिए लगने वाले सामानों की दुकान खोलने और आवश्यक समान लोगों को मुहय्या कराने के लिए प्रस्ताव रखा था जिसे आज १० मई २०२० के दिन मनपा आयुक्त श्री सुधाकर देशमुख ने आगामी दो दिनों के लिए मान्यता दी है।

बरसात का मौसम लगभग जून के आगमन से सुरु हो जाता है और एक बार बारिश सुरु होने पर रिपेयरिंग का मौका नही मिलता। शहर में बोहोत सारी पुरानी जर्जर और धोकादायक इमारतों को तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है, अगर समय पर इसकी मेंटेनेन्स या रिपेयरिंग की गई तो बरसात में इमारतों को होने वाले खतरे से बचाया जा सकता है। इसी के मद्देनजर ११ मई, सोमवार और १२ मई, मंगलवार को शहर में सुबह ८:०० बजे से दोपहर २:०० बजे तक इमारतों की मरम्मत के लिये आवश्यक सामग्री की दुकानें जैसे लोहा, सीमेंट, पत्रा, शटर्स, स्लाइडिंग डोअर्स, इलेक्ट्रिक मटेरियल, पेंटिंग, वॉटरप्रूफिंग  मटेरियल, मोटर रिवाईडिंग, तालपत्र, प्लम्बिंग और प्लम्बिंग के लिए लगने वाले सामानों की दुकानें खुली रहेगी।

लॉकडाउन कार्यकाल में राज्य शासन के दिशानिर्देश अनुसार और मनपा के आदेश अनुसार कोरोना बाधित कंटेन्मेंट क्षेत्र के बाहर की दुकानें सिर्फ होम डिलीवरी या साइट डिलीवरी के लिए ऑर्डर लिए जाएंगे। कोई भी दुकानों पर सामानों की बिक्री काउंटर पर न करें और लॉकडाउन के नियमों का जैसे सोशल डिस्टन्स (सामाजिक दूरी), फेस मास्क और अन्य नियमों का पालन होगा तो ही इन दुकानों को आगे अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है। इस अनुमति के साथ ही प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इन दो दिनों के दरम्यान अगर नियमों का पालन न होता दिखाई दिया तो तुरंत ही अनुमति रद्द कर दी जाएगी और उचित कार्यवाही करने के लिए पुलिस प्रशासन और प्रभाग अधिकारी सक्षम है।

शहरवासियों से आव्हान है कि, जरूरत हो तो ही घर से बाहर निकलें और सिर्फ पुरानी बिल्डिंग या घरों को बारिश में होने वाली दिक्कतों से बचाने के लिए और रिपेयर काम कराने हेतु  अनुमति दी गईं है, सरकार और प्रशासन लॉकडाउन के दिशानिर्देशों के पालन पर सख्त नजर रखें हुए है, नए बांधकाम, अवैध निर्माणा या नया कंस्ट्रक्शन ना करें।

घर पर रहें, सुरक्षित रहें।




उल्हासनगर (आनंद कुमार शर्मा)

पुरे देश मे कोरोना संक्रमण के प्रकोप से बचने के लिए लॉकडाउन के बावजूद पिछले ३० दिनों में देश मे १० गुना तेजी से कोरोना पॉजिटिव के मरीजों में इजाफा हुआ है। सरकार, स्वस्थ मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन न करने और छोटी - छोटी गलतियों से संक्रमण बढ़ रहा है।

इसी के चलते, उल्हासनगर शहर में शुक्रवार, ८ मई २०२०, की देर रात १५ नए कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए है, जिससे शहर में डर का और घबराहट का माहौल हो गया है। अब उल्हासनगर में कुल संख्या ३३ हो गयी।
यह १५ नए कोरोना के मामले इस प्रकार है :
१० सम्राट अशोक नगर
४ ब्राह्मण पाड़ा
१ गोल मैदान परिसर

बताया जा रहा है कि सम्राट अशोक नगर, उल्हासनगर-३, की कोरोना मरीज के संपर्क में आने से ज्यादा हुआ यह आंकड़ा। यह वही स्त्री है जिसे कल्याण के मीरा हॉस्पिटल ने लापरवाही दिखाते हुए उल्हासनगर छोड़ दिया था, बाद में यह स्त्री सेंट्रल हॉस्पिटल से लेकर कई जगह अपनी रिपोर्ट लेकर चक्कर लगा चुकी है। संभावना जताई जा रही है कि इसके संपर्क मैं कई और व्यक्ति आये है जो आने वाले समय मे कोरोना ग्रस्त हो सकते है।

शहर वासियों से अपील है कि वो अपने आपको सावधान रखें, घर पर रहे, अगर थोड़े भी लक्षण दिखाई दे तो तुरंत खुद होकर जाँच कराए। घबराने की कोई बात नही, समय पर जांच कराकर आप इस संक्रमण से ठिक हो सकते है और इसे आगे फैलने से रोका जा सकता है।

आपको या आपके परिवार को, या आपके पड़ोसियों में से किसी को भी कोई लक्षण दिखाई देते है तो तुरंत उनकी जांच नजदीकी आरोग्य केंद्र में कराए।

अगर है इनमे से कोई लक्षण तो तुरंत जांच कराए :-
१. बुखार (कोई भी तरह का भुखार)
२. खांसी - छींक (बार बार खांसना और छींकना)
३. सांस लेने में कठिनाई
४. अस्वस्थता और मांसपेशियों में दर्द और थकान होना
५. गैंडा नासूर (नाक से बलगम जैसा निकलना)
६. गले में खराश, सरदर्द, जबान पर कोई स्वाद न आना और नाक से गंध/सुगंध ना आना
७. गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल (जठरांत्र संबंधी) के लक्षण जैसे मतली, उल्टी, दस्त लगना इसके साथ मे, ठंड लगना / ठिठुरना / कपकपी जैसा महसूस होना।

घर पर रहें, सुरक्षित रहें।

उल्हासनगर (आनंद कुमार शर्मा)

सरकार के आदेश और दिशानिर्देश अनुसार पर-प्रांतियो और अप्रवासी मजदूरों के अपने अपने मूल निवास स्थान - गांव जाने के लिए पिछले २-३ दिनों से शहर में अफरा तफरी का माहौल देखा गया है।

वैश्विक नॉवल कोरोना संक्रमण के प्रकोप की रोकथाम के लिए पूरे देश मे लॉकडाउन - कर्फ्यू लागु है। पिछले ४५ दिनों से बिना कमाई के पर-प्रान्ती दिहाड़ी मजदूरों और कारीगरों की माली हालत गंभीर होने औऱ रोजगार की समस्याओं के मद्देनजर सरकार ने सबकों अपने अपने मूल निवास स्थान उनके पैतृक गांव जाने के लिए कई दिशानिर्देशों के तहत फॉर्म भरने और मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए हजारों की तादाद में लोग यहाँ वहाँ भटकने लगें थे, जिससे संक्रमण और ज्यादा फैलने का डर बना हुआ है।

ऐसी स्थिति को देखते हुए उल्हासनगर ट्रेड एसोसिएशन और जीन्स व्यापारी एसोसिएशन उल्हासनगर-५ कि तरफ से दिनेश लेहरानी और राजु दुर्गिया ने अलग अलग कारखानों में काम करने वाले कारीगरों को अफरा-तफरी ना करने, किसी के बहकावे में ना आने की तथा आपस मे शांति और सयम बनाए रखने का आव्हान किया है। दिनेश लेहरानी जी का कहना है कि सबको गांव भेजा जाऐगा, अपने परिवारों के पास कारीगर सकुशल पहुँच जाएं इसमें टी.ओ.के. की पूरी टीम लगी है। मजदूरों और कारीगरों से कानून का पालन करने, पुलिस प्रशासन ओर महानगरपालिका का सयोग करें, कारीगरों की तादाद बोहोत ज्यादा होने के कारन थोड़ी दिक्कत आरही है लेकिन सरकार पूरी सायहता करने मे लगी है। सावधानी और सयम से काम ले वार्ना अगर किसी कारीगर को संक्रमण हुआ तो बड़ी समस्या हो सकती है।

प्रशासन ने रास्तों पर मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए भटकते लोगों को और डॉक्टर तथा हॉस्पिटलों  के बाहर लंबी लंबी कतार बिना सोशल डिस्टनसिंग का पालन करते देख, अब मेडिकल प्रमाणपत्र नही लेने का फैसला किया है। अब सिर्फ पुलिस के पास जिन लोगों ने फॉर्म भरा है उनको गांव रवाना करने से पहले सरकार और प्रशासन द्वारा मेडिकल स्क्रीनिंग की जाएगी।

सुनते है कारीगरों से क्या आव्हान किया है उल्हासनगर ट्रेड एसोसिएशन के दिनेश लेहरानी और राजु दुर्गिया ने।




उल्हासनगर (आनंद कुमार शर्मा)

मुम्बई में काम करने वाले और यहां के महानगरपालिका क्षेत्र में रहने वालों को ८ मई से शहर में प्रवेश पर रोक लगाने के आदेश दिए जाने के २४ घंटों के भीतर ही यह फैसला वापस लिया गया और जब तक उन सबकी रहने और खाने की उचित व्यस्वस्था ना हो जाये तब तक के लिए सीमाबन्दी का निर्माण स्थगित किया गया है।
मुम्बई के सरकारी और निजी अस्पतालों में काम करने वाले, वहाँ के महानगरपालिकाओं में काम करने वाले, बैंको में काम करने वाले और कुछ अन्य संस्थानों में काम करने वाले तथा अतिआवश्यक सेवाओं में कार्यरत लोग जो रोजाना कल्याण, उल्हासनगर, अम्बरनाथ और बदलापुर से आना जाना करते है उनकी संख्या कई हजारों में है।
ज्यादातर ये देखा गया की यहाँ के महानगरों में कोरोना संक्रमण फैलने का मुख्य कारण लगभग मुम्बई से रोजाना आने जाने वाले कर्मचारियों द्वारा हो रहा है। इसी कारण मंगलवार को कल्याण-डोंबीवली और उल्हासनगर महानगरपालिका के आयुक्त ने ८ मई से सीमाबन्दी करने का निर्णय लिया था। इस निर्णय के मद्देनजर बोहोत सारे सवालों का निवारण तुरंत नही होता देख, दोनों महानगरों ने अगले आदेश तक इस पाबंदी को रोक दिया है। साथ ही ये भी स्पष्ट कर दिया कि जितने भी लोगो काम करने जाते है उन्हें अपना पूरा ब्यौरा तय फॉरमेट में महानगरपालिका को देना होगा जिससे शीघ्र अति शीघ्र सबका रहने खाने का इंतज़ाम वहीं कियाजा सके औऱ उसके बाद पूरी तरह सीमाबन्दी की जा सके।
बोहोत सारे कर्मचारियों का यह कहना था कि अगर उनको उचित व्यवस्था हो जाती है तो उनका भी रोजाना आने जाने का समय और झंझट बचेगा।





उल्हासनगर (आनंद कुमार शर्मा)

कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए, अलग अलग प्रान्त में फसे हुए पर-प्रांतियो और अप्रवासी मजदूरों को अपने अपने गांव जाने के लिए सरकार द्वारा मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य करने के बाद शहर में प्राईवेट डॉक्टरों की लूट होने लगी जिसे देखकर कई समाजसेवियों ने इसकी शिकायत की।
उल्हासनगर के सेंट्रल हॉस्पिटल में मेडिकल सर्टिफिकेट मुफ्त में दिया जा रहा है, तो वहाँ लोगों की लंबी लंबी कतारें लगी हुई है, इस चिलचिलाती धूप में बोहोत से लोग जिनके पास प्राइवेट क्लिनिक में फीस देने के लिए नही है वो वहाँ मज़बूर दिखाई दिए।
परिस्थितियों को देखते हुए और कई शिकायतों के मद्देनजर उल्हासनगर मेडिकल एसोसिएशन ने अपने शहर के तमाम प्राइवेट डॉक्टरों को आव्हान किया कि इस महामारी के समय हमें अपने अप्रवासी मजदूर भाइयों का साथ देना है और अपने प्राइवेट क्लिनिक में मेडिकल सर्टिफिकेट तय फॉरमेट में देना का  ₹१००/- से ज्यादा नहीं लेना अन्यथा एसोसिएशन उस पर कार्यवाही कर सकती है।
उल्हासनगर महानगरपालिका आयुक्त ने उल्हासनगर मेडिकल एसोसिएशन के वालंटियर्स डॉक्टरों को आग्रह किया है वो शहर को कोरोना मुक्त करने और अप्रवासी मजदूरों को मुफ्त मेडिकल सर्टिफिकेट कैम्प अपने सहुलियत के हिसाब से लगाये।
इस आव्हान और आग्रह के बाद शहर के कई डॉक्टरों ने आगे आके इसका समर्थन करते हुए गरीब मजदूरों को मुफ्त में जांच प्रमाण पत्र दिया जाने लगा है।

आज से यहाँ मिल रहे है मुफ्त में मेडिकल सर्टिफिकेट
१. सेंट्रल हॉस्पिटल
२. भागवंती नवानी स्टेज, गोल मैदान, उल्हासनगर-१
३. प्रभाग समिती-२, सपना गार्डन, उल्हासनगर-३
४. प्रभाग समिति-३, व्हि. टी. सी. ग्राउंड, उल्हासनगर-४
५. प्रभाग समिती-४, नेताजी चौक, उल्हासनगर-४
६. यात्री निवास, महानगर पालिका वार्ड ऑफिस, उल्हासनगर-२

इसी कड़ी में हमारी मुलाकात हुई धनवंतरी क्लिनिक के डॉ. हेमंत कुमार कोकस से जो अपने प्राइवेट क्लिनिक में मंगलवार ५ मई से ही बिना किसी के बोले खुद ही मुफ्त में गरीब और मजबूर मजदूरों को मेडिकल सर्टिफिकेट देने का काम कर रहे है। सुनते है उनके विचार और मानवता का एक बोहोत बड़ा उदाहरण।


उल्हासनगर (आनंद कुमार शर्मा)

उल्हासनगर में पहले नॉवल कोरोना संक्रमण से हुई मौत के ३ दिन बाद भी कई सवाल यहाँ की जनता के मन मे है, सवालों के साथ डर का माहौल भी बना हुआ है। सवाल ऐसे है जिसका जवाब अभी तक न प्रशासन ने दिया है और न ही हॉस्पिटल प्रबंधक ने दिया। क्रिटीकेयर हॉस्पिटल के डॉ प्रकाश कौराने ने बताया कि महिला की मौत के बाद रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आयी थीं और हॉस्पिटल का नाम अफवाहों से बदनाम हो रहा है।

उल्हासनगर कैम्प क्रमांक ३ स्तिथ फॉलोवर लेन परिसर में रहने वाली  ८७ वर्षीय महिला की कैंप ३ के ही क्रिटीकेयर अस्पताल में मंगलवार २८ अप्रैल को मौत हो गयी थीं, जिसके बाद शहर में सोशल मीडिया और ऑनलाइन खबरों के माध्यम से बोहोत सारे सवालों के घेरे में आये क्रिटीकेयर अस्पताल के डॉ प्रकाश कौराने ने बढ़ते सवालों को  प्रशासन और पुलिस प्रशासन पर डाल दिया। उन्होंने बताया कि मौत के बाद  प्रशासन और पुलिस को उसकी सूचना दी और सरकार की ओर से तय नियमों के तहत कार्यवाही की गई।

लेकिन आज भी कई सवाल है जिसका जवाब देने मे सब असमर्थ दिख रहे है।
इलाज के दौरान अगर महिला को कोरोना संदिग्ध पाया गया तो उसे तुरंत कोविद हॉस्पिटल में रेफेर क्यों नही किया गया.?

मौत के बाद कोरोना रिपोर्ट का इंतज़ार किये बिना महिला के शव को उनके परिजनों को क्यों सोपा गया.??

सबसे अहम सवाल ये है कि ३ दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक हॉस्पिटल को सील क्यों नही किया गया..???

जिस प्रकार ११ अप्रैल को उल्हासनगर ४ के शिवनेरी हॉस्पिटल, उसके डॉ प्रभु आहूजा औऱ पूरी हॉस्पिटल की टीम को कोविद जांच रिपोर्ट आने तक क्वारंटाइन किया था तथा हॉस्पिटल और परिसर को सील कर दिया गया था, उस तरह क्रिटिकेअर हॉस्पिटल, वहाँ के डॉक्टरों, नर्स और उसके स्टाफ को अलगिकरण - वलगिकरण क्यों नही किया गया ?.
शिवनेरी हॉस्पिटल में मरीज मात्र ४ घंटे उपचार के बाद कोरोना संदिग्ध होने पर उसको सेंट्रल हॉस्पिटल रेफेर कर दिया था लेकिन इस मामले में तो इलाज भी हुआ है और मौत भी।

क्यों सब इस मामले में चुपी साधे बैठे है...?????



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